आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को राहत, अब जिला स्तर पर होगा समस्याओं का निस्तारण

Relief for Ayushman Bharat scheme beneficiaries

Relief for Ayushman Bharat scheme beneficiaries

लखनऊ। Relief for Ayushman Bharat scheme beneficiaries, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के लिए राहत भरी व्यवस्था लागू की गई है। अब आयुष्मान कार्ड से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए लाभार्थियों को राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) के लखनऊ स्थित कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उनकी समस्याओं का निस्तारण अब जिला स्तर पर ही किया जा सकेगा।

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ), नोडल आयुष्मान अधिकारियों तथा जिला कार्यान्वयन इकाई की टीमों को विशेष तकनीकी आईडी उपलब्ध करा दी गई है।

अब जिला स्तरीय अधिकारी आयुष्मान कार्ड के अप्रूवल, रिजेक्शन और कार्ड को डिसेबल करने जैसी तकनीकी प्रक्रियाओं का स्थानीय स्तर पर ही त्वरित समाधान कर सकेंगे। दावों (क्लेम) के निस्तारण और भुगतान प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए सुधार किए जा रहे हैं।

लगभग 500 करोड़ रुपये की देयता ही लंबित है। उत्तर प्रदेश में दावा निस्तारण एवं भुगतान का औसत टर्न-अराउंड टाइम लगभग 57 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 73 दिन है। विभिन्न अनियमितताओं के कारण लगभग 200 अस्पतालों को योजना से डी-एम्पैनल किया गया है।

करीब 300 अस्पतालों में अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी किए हैं। साचीज का स्पष्ट लक्ष्य है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत केवल वही अस्पताल सक्रिय रहें, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान कर रहे हैं।

ऐसे अस्पतालों को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा उनके दावों और भुगतान के निस्तारण को और अधिक व्यवस्थित एवं समयबद्ध बनाया जाएगा।